सूरजपुर जिले में कड़ाके की ठंड को देखते हुए छोटे बच्चों के स्कूल बंद करने की मांग

सूरजपुर। जिले में लगातार बढ़ रही कड़ाके की ठंड ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। विशेषकर सुबह और शाम के समय तापमान अत्यधिक गिर जाने से छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इसी को लेकर रामानुज नगर क्षेत्र से सामाजिक कार्यकर्ता विकास दुबे ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से मीडिया के माध्यम से छोटे बच्चों के स्कूलों को कुछ दिनों के लिए बंद करने की मांग की है।
सामाजिक कार्यकर्ता विकास दुबे ने कहा कि नर्सरी, केजी और प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चे ठंड के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होते हैं। सुबह-सुबह ठंड और घने कोहरे में स्कूल जाना उनके लिए स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं उत्पन्न कर सकता है। उन्होंने बताया कि रामानुज नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में कई अभिभावक अपने बच्चों में सर्दी, खांसी, बुखार और गले के संक्रमण की शिकायत कर रहे हैं।
विकास दुबे ने प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि मौसम विभाग द्वारा भी लगातार ठंड बढ़ने की चेतावनी दी जा रही है और फिलहाल तापमान में किसी बड़े सुधार की संभावना नहीं दिख रही है। ऐसे हालात में छोटे बच्चों को स्कूल भेजना जोखिम भरा है। उन्होंने मांग की कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए कुछ दिनों के लिए स्कूलों में अवकाश घोषित किया जाए।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि यदि पूर्ण अवकाश संभव न हो तो कम से कम स्कूलों के समय में बदलाव किया जाए या ठंड कम होने तक वैकल्पिक शैक्षणिक व्यवस्था पर विचार किया जाए। सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा कि प्रशासन का यह संवेदनशील कदम अभिभावकों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।
रामानुज नगर क्षेत्र के कई अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने भी विकास दुबे की इस मांग का समर्थन किया है। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि वह कड़ाके की ठंड को देखते हुए छोटे बच्चों के हित में क्या निर्णय लेता है।




