स्वास्थ्य विभाग में ऑनलाइन हाजिरी और अटैचमेंट व्यवस्था पर बड़े बदलाव की तैयारी ,राज्यभर में लागू होगी नई प्रणाली

रायपुर : (विकाश दुबे)स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर और कर्मचारियों की मनमानी ऑनलाइन हाजिरी का सिस्टम अगले महीने से बंद होने जा रहा है। वर्तमान में शिक्षा विभाग की तरह सॉफ्टवेयर तो है, लेकिन इसे ट्रेजरी के सिस्टम से नहीं जोड़े जाने के कारण अटैचमेंट वाले डॉक्टरों और कर्मचारियों का वेतन नहीं कट पा रहा है। सॉफ्टवेयर अपडेट न होने के कारण अधिकांश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) अटैचमेंट पूरी तरह खत्म नहीं कर रहे हैं और उच्च अधिकारियों के निर्देशों की परवाह नहीं की जा रही है। इस स्थिति से निपटने के लिए अब सिस्टम को पूरी तरह बदलते हुए डॉक्टरों से लेकर पूरे स्टाफ की सैलरी को सीधे ट्रेजरी से जोड़ा जा रहा है, जिससे अटैचमेंट वाले कर्मचारियों और डॉक्टरों का वेतन अपने आप कटने लगेगा।

एनआईसी (NIC) के माध्यम से हाजिरी सिस्टम को अपडेट करने की प्रक्रिया तेजी से शुरू कर दी गई है। ट्रेजरी से सिस्टम के जुड़ते ही राज्य के अन्य जिलों में स्टाफ को केवल अपनी मूल पोस्टिंग वाली जगह से ही उपस्थिति दर्ज करनी होगी। इसके बाद किसी भी दूसरी जगह से लगाई गई हाजिरी मान्य नहीं होगी और कार्यालय में गैरहाजिर रहने पर नियमानुसार वेतन काटा जाएगा।
राज्य शासन द्वारा स्वास्थ्य विभाग में अटैचमेंट खत्म करने की घोषणा विधानसभा में पहले ही की जा चुकी है, लेकिन मैदानी स्तर पर इसका कड़ाई से पालन न होने के कारण संचालनालय को दोबारा सख्त आदेश जारी करने पड़े। फरवरी और मार्च महीने में दिए गए आश्वासनों के पालन का प्रमाण तीन दिन के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश देने के बाद भी कई जिलों में स्थिति जस की तस बनी हुई है।
विभागीय समीक्षा में सामने आया है कि विभिन्न सीएमओ कार्यालयों में स्टाफ की कमी का हवाला देकर डॉक्टरों और पैरामेडिकल कर्मचारियों का धड़ल्ले से अटैचमेंट किया जा रहा है। राजनीतिक पहुंच और रसूख के बल पर कई कर्मचारी इन कार्यालयों में अटैचमेंट कराकर सप्ताह में दो-दो दिन की छुट्टियों का अवैध लाभ उठा रहे हैं। उच्च अधिकारियों को इसकी भनक अमूमन शिकायत मिलने पर ही लग पाती है, जिसके चलते अस्पतालों में अपनी मूल पदस्थापना से गायब रहने वाले इन कर्मियों की वजह से आम मरीजों का इलाज भारी रूप से प्रभावित हो रहा है।
खबर सोर्स दैनिक भास्कर रायपुर 25,10,2026



