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सरकारी वाहन का निजी उपयोग, बुजुर्ग को प्रताड़ना का आरोप रामानुजनगर तहसील कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल

सूरजपुर:-उप तहसील देवनगर तहसील रामानुजनगर अंतर्गत भूमि विवाद के एक गंभीर मामले में अब प्रशासनिक मशीनरी की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। 77 वर्षीय सत्यनारायण साहू द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में आरोप लगाया गया है कि भूमि विवाद से जुड़े प्रकरण में न केवल उन्हें न्याय नहीं मिल रहा, बल्कि तहसील कार्यालय से जुड़े लोग उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं।

रामानुजनगर तहसीलदार का सरकारी वाहन

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, विवादित भूमि पर न्यायालय के आदेश के बावजूद निर्माण कार्य कराया गया और प्रशासन ने समय रहते सीमांकन एवं निष्पक्ष जांच नहीं कराई। इसी क्रम में अब तहसीलदार रामानुजनगर के वाहन और उसके चालक की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है। आरोप है कि तहसीलदार का निजी ड्राइवर सरकारी वाहन का निजी उपयोग करते हुए विवादित स्थल पर बार-बार पहुंच रहा है, जिससे पीड़ित बुजुर्ग और उसका परिवार भय और दबाव की स्थिति में जीने को मजबूर है, वाहन का चालक यह कह भी रहा है कि मैं तहसीलदार का गाड़ी चलाता हूं मेरा कोई कुछ नहीं कर सकता।
प्रेस विज्ञप्ति के साथ सामने आई तस्वीर में सरकारी नंबर प्लेट वाला वाहन विवादित स्थल के पास निजी कार्य में खड़ा दिखाई दे रहा है। पीड़ित का आरोप है कि इस तरह सरकारी वाहन का दुरुपयोग कर प्रभाव दिखाया जा रहा है, ताकि वह अपने वैध अधिकारों से पीछे हट जाए। सत्यनारायण साहू ने यह भी आरोप लगाया है कि तहसीलदार देवनगर द्वारा जारी सीमांकन आदेश का आज तक पालन नहीं हुआ, जबकि पुलिस द्वारा उनकी शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय धारा 155 का सहारा लिया गया। बुजुर्ग का कहना है कि उनकी आयु और कमजोर आर्थिक स्थिति के बावजूद प्रशासनिक संवेदनशीलता पूरी तरह नदारद है। उन्होंने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच, दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन सरकारी वाहन के कथित दुरुपयोग और तहसील कार्यालय की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराएगा, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

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