रामानुजनगर में प्रशासन बनाम जनप्रतिनिधि, तहसील घेराव के आह्वान से बढ़ा टकराव

रामानुजनगर तहसील में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच टकराव अब खुलकर सामने आ गया है। सरपंच संघ के जिला अध्यक्ष अमर सिंह द्वारा सोशल मीडिया पर जारी संदेश ने इस विवाद को और तेज कर दिया है। पोस्ट में दावा किया गया है कि ग्राम पंचायत रामानुजनगर के निर्वाचित सरपंच राम सिंह के साथ तहसीलदार द्वारा अभद्र और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया गया, जिससे सरपंच संघ आक्रोशित है। इसी के विरोध में सरपंच संघ ने तहसील कार्यालय घेराव का आह्वान किया है और सभी सरपंच साथियों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की गई है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि तहसील घेराव किस तिथि को किया जाएगा, लेकिन जिस प्रकार से सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार सरपंचों को एकत्र होने का संदेश दिया जा रहा है, उससे यह तय माना जा रहा है कि जनप्रतिनिधि और प्रशासन अब आर-पार की लड़ाई के मूड में आ चुके हैं। यह स्थिति किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि अब पूरे प्रशासनिक तंत्र पर सवाल खड़े कर रही है।
सरपंच संघ का कहना है कि इससे पहले संघ द्वारा जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर रामानुजनगर तहसीलदार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए थे। संघ की ओर से यह भी आरोप लगाए गए हैं कि आवास जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं में उपयोग होने वाली सामग्री, विशेषकर बालू परिवहन के दौरान वाहनों को रोका जाता है और कथित रूप से अवैध मांग की जाती है। हालांकि इन आरोपों पर प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक और स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है। बड़ा सवाल यह है कि जब तहसीलदार को लेकर लगातार विवाद, शिकायतें और असंतोष सामने आ रहे थे, तो जिला प्रशासन ने समय रहते हस्तक्षेप कर स्थिति को क्यों नहीं संभाला। एक विवादित अधिकारी के कारण यदि तहसील जैसे महत्वपूर्ण संस्थान के घेराव की नौबत आ जाए, वह भी चुने हुए जनप्रतिनिधियों के द्वारा, तो यह सामान्य घटना नहीं मानी जा सकती। यह सीधे तौर पर प्रशासन की संवेदनशीलता, संवादहीनता और निर्णय क्षमता पर सवाल खड़े करता है। यदि यह आंदोलन आगे बढ़ता है तो न केवल कानून-व्यवस्था की चुनौती खड़ी होगी, बल्कि जिला प्रशासन की छवि भी धूमिल होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन इस टकराव को टालने के लिए संवाद का रास्ता अपनाता है या हालात को और बिगड़ने देता है।




