रामानुजनगर के गणेशपुर में कांग्रेस के स्वागत कार्यक्रम से मचा सियासी बवाल, कांग्रेस ने कहा हमने नहीं बुलाया था….

सूरजपुर:- आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया के हसदेव प्रवास के दौरान सूरजपुर जिले के रामानुजनगर विकासखंड के गणेशपुर में आयोजित स्वागत कार्यक्रम अब गंभीर राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद का रूप ले चुका है। कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों की मौजूदगी और कथित नारेबाजी को लेकर उठा मामला अब स्थानीय स्तर से निकलकर पूरे जिले की राजनीति और शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।
इस पूरे प्रकरण को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। भाजपा नेता राजलाल राजवाड़े ने आरोप लगाया कि गणेशपुर में हुए राजनीतिक स्वागत कार्यक्रम में स्कूली बच्चों को शामिल किया गया, जो पूरी तरह निंदनीय और गैर-जिम्मेदाराना है। उन्होंने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उन्हें राजनीतिक कार्यक्रमों व नारेबाजी से दूर रखा जाना चाहिए। राजलाल राजवाड़े ने कहा कि यह घटना यह दर्शाती है कि आयोजन के दौरान जिम्मेदारियों का गंभीर उल्लंघन हुआ है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
वहीं कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीति से प्रेरित बयानबाजी बताया है। कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष महेंद्र साहू ने स्पष्ट कहा कि गणेशपुर में आयोजित स्वागत कार्यक्रम पूरी तरह कांग्रेस कार्यकर्ताओं का था और पार्टी की ओर से किसी भी स्कूली बच्चे को न तो बुलाया गया था और न ही कार्यक्रम में शामिल कराने का कोई निर्देश दिया गया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इतनी नासमझ नहीं है कि बच्चों को राजनीतिक कार्यक्रम में लाए।
महेंद्र साहू ने कहा कि संभव है कुछ बच्चे केवल उत्सुकतावश कार्यक्रम देखने अपने-आप वहां पहुंच गए हों। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह इस मुद्दे को जानबूझकर तूल देकर राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रही है। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि यह एक राजनीतिक कार्यक्रम था और आदर्श स्थिति में स्कूली बच्चों को वहां नहीं होना चाहिए था। इस विषय में शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन को अधिक सतर्कता बरतनी चाहिए थी।
जिला शिक्षा अधिकारी का सख्त रुख, जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी अजय मिश्रा ने तत्काल जांच के आदेश जारी किए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी अजय मिश्रा ने अध्ययन न्यूज़ के संपादक विकाश दुबे को फोन के माध्यम से बताया कि.
“जैसे ही मुझे गणेशपुर में स्कूली बच्चों के राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होने की जानकारी मिली, मैंने तत्काल रामानुजनगर विकासखंड शिक्षा अधिकारी को पूरे मामले की जांच करने के निर्देश दे दिए हैं। जांच रिपोर्ट शाम तक प्राप्त हो जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने तक सभी को धैर्य रखना चाहिए।”
शिक्षा अधिकारी के इस बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि मामला अब प्रशासनिक जांच के दायरे में आ चुका है। शुरुआती तौर पर शिक्षकों की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, हालांकि अंतिम स्थिति जांच रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगी।
इस पूरे मामले में भाजपा पूरी तरह कांग्रेस को घेरने में लगी हुई है, वहीं कांग्रेस भी लगातार अपने बचाव में सामने आती दिख रही है। एक ओर यह मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का रूप ले चुका है, वहीं दूसरी ओर इससे कहीं अधिक गंभीर सवाल शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की जिम्मेदारी को लेकर खड़े हो गए हैं। यदि स्कूली बच्चे वास्तव में राजनीतिक कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे, तो इसकी जवाबदेही तय होना जरूरी है। यह लापरवाही थी या व्यवस्था की कमजोरी—इसका फैसला जांच रिपोर्ट करेगी। अब देखना होगा कि इस पूरे प्रकरण में राजनीति भारी पड़ती है या प्रशासनिक कार्रवाई के जरिए जिम्मेदारी तय होती है। इतना तय है कि गणेशपुर से उठा यह मामला आने वाले दिनों में सूरजपुर जिले की राजनीति और शिक्षा व्यवस्था—दोनों के लिए अहम साबित होगा।
