नए कलेक्टर की सख्ती के बाद जागा प्रशासन, रामानुजनगर विकासखंड में जनगणना कार्य पिछड़ने पर उठे सवाल

रामानुजनगर। तहसील क्षेत्र में जनगणना कार्य की धीमी रफ्तार अब प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करने लगी है। महीनों से चल रहे इस महत्वपूर्ण कार्य में अब तक 61 प्रगणकों का कार्य अधूरा बताया जा रहा है, जबकि कई क्षेत्रों में एचएलबी कार्य भी लंबित पड़ा हुआ है। जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में इतनी बड़ी संख्या में लंबित प्रकरण होना स्थानीय प्रशासन की कमजोर मॉनिटरिंग और लापरवाही को उजागर कर रहा है। क्षेत्र में चर्चा है कि यदि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा शुरुआत से ही नियमित समीक्षा, फील्ड मॉनिटरिंग और जवाबदेही तय की जाती, तो आज यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। कई प्रगणकों का कार्य लंबे समय से अधूरा रहने के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर गंभीरता नहीं दिखाई गई, जिसके कारण पूरी तहसील की प्रगति प्रभावित हो गई।
हैरानी की बात यह है कि लंबे समय तक सुस्त पड़े प्रशासनिक अमले में अब नए कलेक्टर के जिले में आने के बाद अचानक सक्रियता दिखाई देने लगी है। लगातार समीक्षा बैठकों का दौर शुरू किया जा रहा है और प्रगणकों तथा चार्ज अधिकारियों को तेजी से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा तेज है कि नए कलेक्टर की सख्ती के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों को जनगणना कार्य की चिंता हुई है। जबकि केंद्र सरकार द्वारा जनगणना के पहले चरण यानी एचएलबी कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने का लक्ष्य पहले से तय है। इसके बावजूद समय रहते प्रभावी निगरानी नहीं की गई, जिससे कार्य लगातार पिछड़ता चला गया। अब प्रशासनिक अधिकारी बैठक लेकर तेजी लाने की बात कर रहे हैं, लेकिन लोगों का कहना है कि यदि शुरुआत से ही जिम्मेदारी के साथ काम किया जाता तो आज जनगणना कार्य पिछड़ने की नौबत नहीं आती।
जनगणना केवल आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया नहीं बल्कि भविष्य की शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और अन्य विकास योजनाओं की बुनियाद मानी जाती है। ऐसे में कार्य में देरी को गंभीर प्रशासनिक विफलता के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल बैठक और निर्देशों से स्थिति नहीं सुधरेगी, बल्कि फील्ड स्तर पर लगातार निगरानी और जवाबदेही तय करनी होगी। अब देखना यह होगा कि प्रशासनिक सक्रियता केवल समीक्षा बैठकों तक सीमित रहती है या वास्तव में मैदानी स्तर पर तेजी लाकर तय समय-सीमा के भीतर जनगणना कार्य पूरा कराया जाता है।




