रामानुजनगर से कल निकलेगा कांवरियो का जत्था,देवगढ़ धाम में विराजमान शिवलिंग पर करेंगे जलाभिषेक

रामानुजनगर। आस्था, श्रद्धा और अटूट विश्वास का अनूठा संगम कल क्षेत्र में देखने को मिलेगा। हर साल की भांति इस वर्ष भी 13 अगस्त, दिन गुरुवार को रामानुजनगर से देवगढ़ धाम तक ऐतिहासिक कांवर पदयात्रा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस महायात्रा को लेकर रामानुजनगर कांवरिया संघ की ओर से व्यापक और बेहद सराहनीय स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कल सुबह से ही पूरा क्षेत्र गेरुआ वस्त्र धारी शिवभक्तों के रंग में रंगा नजर आएगा और चारों ओर सिर्फ ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ की गूंज सुनाई देगी।
त्रिवेणी संगम से देवगढ़ धाम तक 35 किमी की कठिन डगर
इस भव्य धार्मिक आयोजन के तहत हजारों की संख्या में कांवरिया सबसे पहले पतरापाली स्थित पवित्र त्रिवेणी संगम पर एकत्रित होंगे। वहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के बाद शिवभक्त त्रिवेणी संगम का पवित्र जल अपनी कांवर में उठाएंगे। इसके बाद शुरू होगी 35 किलोमीटर की अत्यंत कठिन और श्रद्धा से भरपूर पैदल यात्रा, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए देवगढ़ धाम पहुंचेगी। देवगढ़ धाम में विराजमान भगवान अर्धनारीश्वर शंकर जी पर जब यह पवित्र जल अर्पित किया जाएगा, तो भक्तों की थकान पल भर में दूर हो जाएगी। इस यात्रा को सुगम और अनुशासित बनाने के लिए रामानुजनगर कांवरिया संघ के सभी सदस्य रात-दिन एक कर सक्रियता से जुटे हुए हैं, जिनकी क्षेत्रवासी जमकर सराहना कर रहे हैं।
सेवा भाव की मिसाल: रास्ते भर भक्तों के लिए पलकें बिछाए बैठे हैं सेवादार
इस यात्रा की सबसे खूबसूरत बात यह है कि भक्तों की सेवा के लिए पूरा समाज एकजुट हो गया है। 35 किलोमीटर के इस लंबे और थका देने वाले सफर में कांवरियों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए पूरे रास्ते भर जगह-जगह धार्मिक और सेवाभावी लोगों द्वारा स्वागत और जलपान की अद्भुत व्यवस्था की गई है। रास्ते में शिवभक्तों के लिए फल, बिस्किट, चाय, शुद्ध पेयजल और मीठे पकवानों के स्टॉल लगाए गए हैं। इसके साथ ही, यात्रा के अंतिम पड़ाव यानी देवगढ़ धाम में कांवरिया संघ की ओर से एक विशाल और भव्य भंडारे का आयोजन किया गया है, जहां हजारों श्रद्धालु महाप्रसाद ग्रहण करेंगे। संघ का यह सेवा भाव और बेहतर प्रबंधन सचमुच अनुकरणीय है।
स्वास्थ्य और पुलिस विभाग भी रहेगा पूरी तरह मुस्तैद
हजारों की भीड़ और लंबी दूरी को देखते हुए इस बार प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। यात्रा के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस विभाग द्वारा पूरे मार्ग पर सुरक्षा और सुचारू यातायात की पुख्ता व्यवस्था की गई है। वहीं, शिवभक्तों की सेहत और किसी भी आपातकालीन स्थिति को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीमें और एम्बुलेंस सेवा भी पूरे रास्ते मुस्तैद रहेंगी। कांवरिया संघ और प्रशासन के इस बेहतरीन तालमेल की वजह से श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है और हर कोई इस ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनने के लिए आतुर है।



