रामानुजनगर में ‘जन औषधि परियोजना: सस्ती दवाओं से हर महीने बच रहे हजारों रुपये, केंद्र में डॉक्टर के परामर्श से बढ़ी जागरूकता!

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रामानुजनगर।बदलते दौर में जहां आम आदमी के बजट का एक बड़ा हिस्सा बीमारियों और महंगी दवाइयों की भेंट चढ़ जाता है, वहीं रामानुजनगर में संचालित प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र आम जनता के लिए एक बड़ा संबल साबित हो रहा है। शासन की इस बेहद महत्वाकांक्षी और जन-कल्याणकारी योजना का सीधा लाभ रामानुजनगर और आसपास के ग्रामीणों को मिल रहा है, जिससे लोग हर महीने अपने हजारों रुपये बचाने में कामयाब हो रहे हैं।
इस केंद्र पर गंभीर से लेकर सामान्य बीमारियों तक की उच्च गुणवत्ता वाली जेनेरिक दवाइयां बेहद किफायती दरों पर उपलब्ध हैं। शुगर (मधुमेह), ब्लड प्रेशर (बीपी), गैस, हार्ट, और किडनी जैसी गंभीर बीमारियों से लेकर रोजमर्रा की परेशानियां जैसे सर्दी, खांसी, बुखार, बच्चों की दवाइयां और दाद-खाज-खुजली की समस्या तक—हर मर्ज की दवा यहाँ बाजार से बेहद कम दाम में मिल रही है। जो दवाइयां पहले लोगों की जेब पर भारी पड़ती थीं, वही दवाइयां अब इस केंद्र के माध्यम से सुगमता से हर वर्ग तक पहुँच रही हैं।

शासन की इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे और लोग स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक हों, इसके लिए अब यहां के सभी वरिष्ठ डॉक्टर भी अब गरीब मध्यम वर्गीय लोगों को जन औषधि केंद्र से दवाई लेने का सलाह देने लगे है।इस केंद्र ने एक बेहद सराहनीय कदम उठाया है, अब इस केंद्र में डॉक्टरों के बैठने की भी व्यवस्था की गई है, जहाँ डॉक्टर मरीजों को उचित परामर्श दे रहे हैं। इससे मरीजों को अब अच्छी गुणवत्ता की सस्ती दवाइयों के साथ-साथ एक ही छत के नीचे अनुभवी डॉक्टरों की सलाह भी मिल पा रही है, जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता तेजी से बढ़ रही है।
राम अधीन सिंह (निवासी- बरबसपुर): “मेरे घर में हर महीने महंगी दवाइयों के पीछे बहुत पैसे खर्च हो जाते थे, जिससे घर का बजट बिगड़ जाता था। जब से रामानुजनगर जन औषधि केंद्र से दवाइयां लेना शुरू किया है, तब से हर महीने मेरे हजारों रुपये बच रहे हैं। यह केंद्र हम जैसे मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों के लिए बहुत बड़ी राहत है।”

- संजीत साहू (निवासी- सूरजपुर): “पहले महंगी ब्रांडेड दवाओं के चक्कर में काफी परेशान होना पड़ता था। जन औषधि केंद्र में मिलने वाली दवाइयां न सिर्फ सस्ती हैं बल्कि बेहद असरदार भी हैं। अब यहाँ डॉक्टरों के बैठने से हमें और भी आसानी हो गई है, सही सलाह के साथ तुरंत किफायती दवा मिल जाती है।”
- सावित्री जायसवाल (निवासी- परशुरामपुर): “घर के बुजुर्गों और बच्चों की दवाइयों के लिए अब हमें भटकना नहीं पड़ता। शासन की यह योजना हम महिलाओं और पूरे परिवार के लिए वरदान साबित हो रही है। कम पैसों में पूरा इलाज हो जाने से घर की आर्थिक स्थिति पर अब बोझ नहीं पड़ता।”
- रामानुजनगर का यह जन औषधि केंद्र वर्तमान समय में स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में पूरे क्षेत्र के लिए एक मिसाल बनकर उभरा है। कम खर्च में बेहतर इलाज और डॉक्टरों के सही मार्गदर्शन की वजह से स्थानीय निवासियों में इस केंद्र के प्रति अटूट विश्वास जगा है। केंद्र संचालक के अनुसार हर महीने 2000 से ज्यादा लोग जन औषधि केंद्र में आकर शासन के इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ उठा रहे हैं। शासन की इस लोक-हितैषी नीति और रामानुजनगर केंद्र के इस उत्कृष्ट प्रयास की चारों तरफ जमकर सराहना हो रही है।




